Uttarakhand News: मुख्यमंत्री धामी ने ₹39.87 करोड़ की विकास योजनाओं को दी मंजूरी, कई जिलों में होंगे काम

HIGHLIGHTS
नई स्वीकृतियों में पेयजल व्यवस्था और जल गुणवत्ता से संबंधित योजनाओं को भी जगह दी गई है। वार्ड नंबर 60 स्थित मधुवन एन्क्लेव में नलकूप तथा उर्ध्व जलाशय के निर्माण के लिए ₹4.98 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस तरह की परियोजनाओं का उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में जल आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
इसी क्रम में हल्द्वानी में कुमाऊं परिक्षेत्र के लिए राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण के लिए ₹2.21 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच और परीक्षण व्यवस्था मजबूत होने से पेयजल से जुड़े मानकों की निगरानी के लिए संस्थागत क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
एसटीपी में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी
स्वीकृत योजनाओं में पर्यावरण और ऊर्जा दक्षता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पक्ष भी सामने आया है। देहरादून जिले में ऋषिकेश स्थित 26 एमएलडी एसटीपी लक्कड़घाट तथा संबंधित को-ट्रीटमेंट सुविधा में ग्रिड सोलर अधिष्ठापन के लिए ₹4.30 करोड़ की राशि रखी गई है।
इसके अलावा टिहरी जिले में 5 एमएलडी एसटीपी चोरपानी ऋषिकेश पर ग्रिड सोलर लगाने के लिए ₹2.15 करोड़ मंजूर किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं को जोड़ें तो सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़ी सौर ऊर्जा व्यवस्था के लिए ₹6.45 करोड़ का प्रावधान बनता है। इसका व्यापक उद्देश्य ट्रीटमेंट सुविधाओं में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग को बढ़ाना है।
चमोली और पौड़ी में सड़क व हवाई संपर्क से जुड़े काम
चमोली जिले के विकासखंड देवाल के वाण क्षेत्र में हैलीपैड निर्माण से संबंधित शेष कार्यों के लिए ₹1.88 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा, आपातकालीन सेवाओं और विशेष परिस्थितियों में हवाई संपर्क को उपयोगी बुनियादी सुविधा माना जाता है। पौड़ी विधानसभा क्षेत्र में निसनी लिंक मोटर रोड के सुधार कार्य के लिए ₹3.17 करोड़ मंजूर किए गए हैं। सड़क सुधार से स्थानीय आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
चंपावत विधानसभा क्षेत्र में बूढ़ाखेत-अमकड़िया मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए ₹1.67 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं टिहरी गढ़वाल के थौलधार विकासखंड में उप्पू से औलणी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए ₹3.25 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
नन्दा राजजात से जुड़े क्षेत्र में पार्किंग और सुविधाओं का विस्तार
चमोली में नन्दा राजजात से जुड़े क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे को भी स्वीकृतियों में शामिल किया गया है। देवाल के वाण पड़ाव हैलीपैड के पास सरफेस पार्किंग और शौचालय के निर्माण के लिए ₹1.36 करोड़ का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मुंदोली के डनाला तोक में अस्थायी पार्किंग के लिए ₹40.22 लाख तथा सुराई तोक में अस्थायी पार्किंग के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों से आयोजन और आवाजाही के दौरान पार्किंग तथा सार्वजनिक सुविधा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
धार्मिक पर्यटन स्थल के विकास पर भी ध्यान
अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में दन्या के पास स्थित सिद्धेश्वर मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए ₹97.08 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। यह काम स्थानीय धार्मिक स्थल के आसपास सुविधाओं और क्षेत्रीय पर्यटन से जुड़े बुनियादी विकास के संदर्भ में देखा जा सकता है।
वहीं मानसून अवधि में सड़कों के निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से लोक निर्माण विभाग को ₹1 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग को ₹50 लाख की राशि मंजूर की गई है। पर्वतीय राज्य में बरसात के दौरान सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए ऐसे प्रावधानों का महत्व बढ़ जाता है।
पिथौरागढ़ में सड़क और रिवरफ्रंट परियोजना
पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट क्षेत्र में कनालीछीना की ग्राम पंचायत भौतली में आंतरिक सीसी मार्ग के निर्माण के लिए ₹80 लाख स्वीकृत किए गए हैं। स्थानीय स्तर की सड़क परियोजनाएं गांवों के भीतर संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने से जुड़ी होती हैं।
इसी जिले के धारचूला में काली नदी के किनारे पैदल चलने वालों के लिए रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए ₹6 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। रिवरफ्रंट का उद्देश्य नदी किनारे के सार्वजनिक क्षेत्र को व्यवस्थित और उपयोगी बनाने से जुड़ा हो सकता है, जिसमें पैदल आवागमन तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित ढांचे का विकास शामिल रहता है।
नैनीताल हाईकोर्ट परिसर में सीसीटीवी व्यवस्था
स्वीकृतियों में सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था से जुड़ा काम भी शामिल है। नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए ₹77.29 लाख की राशि मंजूर की गई है। आधुनिक निगरानी व्यवस्था किसी भी बड़े सार्वजनिक परिसर में प्रवेश, आवागमन और सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी में उपयोगी हो सकती है।
अलग-अलग जरूरतों को जोड़ती हैं ये परियोजनाएं
इन स्वीकृतियों पर नजर डालें तो योजनाओं का दायरा सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है। पेयजल, जल गुणवत्ता, सीवेज ट्रीटमेंट, सौर ऊर्जा, ग्रामीण संपर्क मार्ग, पर्यटन, पार्किंग, हैलीपैड और सुरक्षा व्यवस्था जैसे अलग-अलग क्षेत्र इसमें शामिल हैं।
24 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक इन परियोजनाओं की कुल राशि लगभग ₹39.87 करोड़ बैठती है।
अब इन योजनाओं का अगला महत्वपूर्ण चरण उनका वास्तविक क्रियान्वयन होगा। स्वीकृत राशि के बाद संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी प्रक्रिया, निविदा और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजनाएं समय पर पूरी होने पर जिन क्षेत्रों के लिए राशि मंजूर की गई है, वहां स्थानीय बुनियादी सुविधाओं में प्रत्यक्ष सुधार देखने को मिल सकता है।
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