Jaunpur News: हाईकोर्ट से जमानत न मिलने पर अधिवक्ता को बनाया बंधक, छुड़ाने पहुंचे सीनियर वकील भी रोके गए; पुलिस ने 4 को बचाया, 10 नामजद समेत 22 पर केस दर्ज

HIGHLIGHTS
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में इलाहाबाद हाईकोर्ट से एक मुकदमे में जमानत न दिला पाने पर अधिवक्ता को बुलाकर कथिततौर पर बंधक बनाने, मारने पीटने और जबरन लाखों रुपये वसूलने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि बंधक बने अधिवक्ता और उसके साथी को छुड़ाने लाखों रु लेकर पहुंचे दो सीनियर अधिवक्ताओं को भी बंधक बना लिया। हालांकि, सूचना देने के बाद मिलने के बाद पुलिस ने किसी तरह सभी को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। फिलहाल, मुंगराबादशाहपुर थाने में 10 नामजद और 12 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुट गई है।
जमानत नहीं मिली तो अधिवक्ता को बुलाया
प्रयागराज के कुरसंड, थाना थरवई निवासी अजय मिश्रा अधिवक्ता हैं। वह जिला एवं सत्र न्यायालय में वकालत करते हैं। उनके मुताबिक, मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के हैदरेपुर गांव के कुछ लोगों का मुकदमा वह देख रहे थे। आरोप है कि हाईकोर्ट से जमानत कराने के लिए उनसे डेढ़ लाख रुपये फीस ली गई थी। अजय मिश्रा के अनुसार, उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन जमानत नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें फोन कर जौनपुर बुलाया।
साथी के साथ बंधक बनाने का आरोप
अधिवक्ता का आरोप है कि 6 अक्टूबर की शाम वह अपने एक साथी के साथ प्रयागराज से जौनपुर पहुंचे। शाम करीब 7:30 बजे मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के पुरऊपुर नगर पुलिया के पास कुछ लोग दो कारों से पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्हें और उनके साथी को रोक लिया गया। इसके बाद दोनों को जबरन कार में बैठाकर एक स्थान पर ले जाया गया। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और धमकी देकर पैसे की मांग की गई। करीब छह घंटे तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया।
छुड़ाने पहुंचे सीनियर अधिवक्ता भी फंसे
अजय मिश्रा ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी फोन पर अपने सीनियर अधिवक्ताओं को दी। इसके बाद प्रयागराज से दो सीनियर अधिवक्ता पैसे लेकर उन्हें छुड़ाने के लिए जौनपुर पहुंचे। आरोप है कि वहां आरोपियों ने उनसे एक लाख रुपये ले लिए और इसके बाद दोनों सीनियर अधिवक्ताओं को भी रोक लिया। सभी को छोड़ने के लिए दोबारा 5 लाख की मांग की गई। बताया गया कि बंधक बनाए गए लोगों ने पैसे मंगाने के बहाने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। सूचना मिलने के बाद मुंगराबादशाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया।
10 नामजद समेत 22 लोगों पर केस
अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर मुंगराबादशाहपुर थाने में कमल मिश्रा, राजेश तिवारी, राहुल यादव और शशि चौबे समेत 10 नामजद आरोपियों समेत 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में अपहरण, मारपीट, धमकी और रुपये लेने सहित कई आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
अधिवक्ता ने क्या बताया?
पीड़ित अधिवक्ता अजय मिश्रा ने बताया कि हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद उन्हें उनके क्लाइंट ने जौनपुर बुलाया था। वहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने बताया कि उन्हें छुड़ाने पहुंचे दो सीनियर अधिवक्ताओं से भी रुपये लेने के बाद उन्हें रोक लिया गया।
पुलिस का कहना
मुंगराबादशाहपुर के प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे के अनुसार, अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर 10 नामजद और 12 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में कुछ के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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