महाराष्ट्र में पैरासिटामोल और टेल्मिसर्टन की सप्लाई पर रोक, गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने के बाद स्टॉक वापस

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महाराष्ट्र: खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने गुणवत्ता परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के बाद पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम और टेल्मिसर्टन 40 मिलीग्राम की कुछ दवाओं के वितरण पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) और इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मेयो), नागपुर में की गई है।FDA अधिकारियों के अनुसार, दोनों दवाओं के नमूने अगस्त में मेयो अस्पताल से लिए गए थे। 10 सितंबर को जारी परीक्षण रिपोर्ट में दवाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित दवाओं का निर्माण इंदौर स्थित क्यूरेजा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने किया था।टेस्ट रिपोर्ट में पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम की गोलियों के रंग में मामूली बदलाव दर्ज किया गया। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक जुलाई में करीब 25,000 पैरासिटामोल टैबलेट की सप्लाई हुई थी, जिसे रिपोर्ट सामने आने के बाद वापस मंगा लिया गया। GMCH और मेयो अस्पताल द्वारा एक लाख से अधिक पैरासेव 500 टैबलेट खरीदे जाने की भी जानकारी दी गई है।वहीं, टेल्मिसर्टन 40 मिलीग्राम की गोलियां बैच नंबर CHPLT 416 की थीं।
ये दवाएं उच्च रक्तचाप के उपचार में इस्तेमाल की जाती हैं। FDA की रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रशासन ने वार्डों और आउटपेशेंट विभागों को संबंधित दवाओं का वितरण रोकने तथा उपलब्ध स्टॉक वापस करने के निर्देश दिए।FDA ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मेयो प्रशासन को अलग से नोटिस भी जारी किया है। इसमें दवाओं की खरीद, बिक्री और वितरण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
FDA के असिस्टेंट कमिश्नर मनीष चौधरी के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में दवाओं की नियमित गुणवत्ता जांच की जाती है। अगस्त में लिए गए इन नमूनों की जांच के बाद संबंधित दवाओं के वितरण को रोकने और स्टॉक वापस लेने के निर्देश दिए गए।
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