TMC विवाद: चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को दिए नए नाम और चुनाव चिन्ह, ममता खेमे को फुटबॉल खिलाड़ी

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नई दिल्ली/कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। आयोग के फैसले के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” (Mamata All India Trinamool Congress) नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिन्ह दिया गया है। वहीं अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट, जिसका प्रतिनिधित्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं, को “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” नाम और लिफाफा चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है।
आयोग ने यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए की है। दोनों गुटों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के रूप में माना जाएगा। मूल “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और उसके आरक्षित “फूल और घास” चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक रहेगी।
इससे पहले 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी कर दोनों गुटों को मूल पार्टी नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह इस्तेमाल करने से रोक दिया था। आयोग ने दोनों पक्षों से तीन-तीन वैकल्पिक नाम और तीन-तीन उपलब्ध चुनाव चिन्हों की पसंद मांगी
ममता बनर्जी के गुट ने विकल्पों में “ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” सहित अन्य नाम और फुटबॉल, प्रार्थना तथा क्रिकेट बैट जैसे चिन्ह सुझाए थे। दूसरी ओर, विरोधी गुट ने “डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस” सहित विकल्प और लिफाफा, ब्लैकबोर्ड तथा मशाल जैसे चिन्ह प्रस्तावित किए थे।
विवाद की पृष्ठभूमि
TMC के संगठनात्मक नियंत्रण, पार्टी के नाम और आरक्षित चुनाव चिन्ह को लेकर दोनों पक्षों के दावे चुनाव आयोग के सामने पहुंचे थे। आयोग ने कहा था कि मामले में Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 के पैरा 15 के तहत विस्तृत फैसला किया जाना बाकी है। इसलिए मौजूदा नाम और चिन्हों पर लागू अंतरिम व्यवस्था को अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा।
आयोग का यह फैसला पश्चिम बंगाल के आगामी उपचुनावों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है, जहां दोनों पक्षों से जुड़े उम्मीदवारों ने पार्टी की पहचान के साथ नामांकन दाखिल किया था।
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