Zero Tolerance : जौनपुर के सुरेरी थाने के फरार-निलंबित पूर्व थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह समेत 2 आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित

HIGHLIGHTS
जौनपुर में सुरेरी थाना क्षेत्र से जुड़े कथित अवैध हिरासत, मारपीट और धनराशि ट्रांसफर कराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जौनपुर के थाना जलालपुर में दर्ज मुकदमे में वांछित दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन आरोपियों में सुरेरी थाने के निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह और राजनारायण गिरी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थाना जलालपुर में पंजीकृत मु0अ0सं0-416/2026 से संबंधित है। मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 310(2), 308(5), 352, 127(2) और 61(2) का उल्लेख किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जौनपुर की ओर से पुरस्कार घोषित किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों को खुद को क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताकर हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें सुरेरी थाने ले जाया गया। शिकायत में मारपीट, धमकी देने और बैंक खातों से धनराशि ट्रांसफर कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की शिकायत सामने आने के बाद एडीजी वाराणसी के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच के दौरान घटनाओं से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और बैंकिंग लेनदेन समेत इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच किए जाने की बात सामने आई।जांच के बाद सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह को निलंबित किया गया। अब पुलिस की ताजा प्रेस नोट में उन्हें मुकदमे में वांछित आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।

दो लोगों से जुड़ी शिकायतों की जांच
मामले में जौनपुर निवासी विजय राजभर और वाराणसी निवासी सुशील पांडेय से संबंधित शिकायतों का जिक्र सामने आया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें पुलिसकर्मी बताकर कुछ लोग अपने साथ ले गए और बाद में सुरेरी थाने में रखा गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि उनसे पैसों की मांग की गई और मोबाइल फोन के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। विजय राजभर के मामले में कुल 2.12 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप लगाया गया है।
बैंक ट्रांजेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बने जांच का आधार
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में केवल शिकायतों के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना गया। पुलिस ने घटनास्थल और थाने के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल तथा बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की।
अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर
24 सितंबर को जारी पुलिस प्रेस नोट के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम दोनों वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी माना जा रहा है। पुलिस ने दिव्य प्रकाश सिंह और राजनारायण गिरी पर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। जौनपुर पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि वांछित आरोपियों के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलती है तो नजदीकी पुलिस थाने अथवा जौनपुर पुलिस को सूचना दें। पुलिस प्रेस नोट में यह भी कहा गया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
विभागीय जांच भी जारी
दिव्य प्रकाश सिंह के निलंबन के साथ विभागीय स्तर पर भी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे मामले की जांच दो स्तरों पर आगे बढ़ रही है—एक ओर दर्ज मुकदमे में आपराधिक जांच और दूसरी ओर पुलिस विभाग के स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई। 24 सितंबर 2026 को जारी जौनपुर पुलिस की प्रेस नोट के अनुसार, इस प्रकरण में दिव्य प्रकाश सिंह और राजनारायण गिरी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
एडीजी वाराणसी के निर्देश पर जौनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह द्वारा भ्रस्टाचार, अराजकता एवं अपराध के विरुद्ध जीरो टोलरेंस नीति के तहत इस मामले से जुड़े पुलिसकर्मियों एवं आरोपियों के विरुद्ध पर बिना किसी तरह का भेदभाव या बचाव किये निष्पक्ष कठोर कार्रवाई करना आम जनमानस में चर्चा का विषय बना हुआ है. फ़िलहाल अब देखना होगा 25 हज़ार का इनाम घोषित होने के बाद फरार आरोपी गण कबतक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं.
स्वतंत्र और भरोसेमंद समाचारों के लिए Nation24 Network को अपना सहयोग दें।
