BREAKINGNEWS
Jaunpur News: 51 किलो की माला, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा… राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर का जौनपुर में भव्य स्वागतUP Politics : CM योगी खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं, ….जनता पानी उतार देगी, अखिलेश यादव ने दी खुली चुनौतीUP News: जौनपुर में 10 अक्टूबर को जॉब फेयर, 5000 युवाओं को रोजगार दिलाएंगे कांग्रेस नेता विकेश सिंहJaunpur News: हाईकोर्ट से जमानत न मिलने पर अधिवक्ता को बनाया बंधक, छुड़ाने पहुंचे सीनियर वकील भी रोके गए; पुलिस ने 4 को बचाया, 10 नामजद समेत 22 पर केस दर्जJaunpur News: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, डॉ. सूर्यभान यादव के बयान से गरमाई सियासतJaunpur News: ‘BJP के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, संविधान और लोकतंत्र खतरे में – शैलेंद्र यादव ‘ललई’UP News: NH-233 पर हादसों को लेकर जौनपुर में किसान नेता अजीत सिंह डोभी की बड़ी मांग, 16 किमी हिस्से में भारी वाहनों की नो-एंट्री की अपीलUP News : ट्रेन में लावारिश मिले जौनपुर के तीन नाबालिग बच्चे, RPF ने सुरक्षित कानपुर सेंट्रल पहुंचाया, परिजनों का पता लगाने में जुटी पुलिस
Nation24 Network — देश की आवाज़ — प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध

MP News : मैहर में आज भी आते हैं आल्हा? मां शारदा से जुड़ा है सदियों का रहस्य, आखिर ब्रह्ममुहूर्त में कौन करता है पहली पूजा?

मैहर की मां शारदा से वीर योद्धा आल्हा-ऊदल की सदियों पुरानी लोकमान्यता जुड़ी है। कहा जाता है कि आल्हा ने मां शारदा की 12 वर्षों तक कठोर तपस्या की और देवी के दर्शन प्राप्त किए। मैहर में आज भी आल्हा का तालाब और अखाड़ा इस कथा की याद दिलाते हैं। सबसे रहस्यमयी मान्यता है कि आल्हा ब्रह्ममुहूर्त में आज भी मां शारदा की पहली पूजा करने आते हैं। हालांकि इसका कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इसे धार्मिक आस्था व लोकविश्वास माना जाता है। यही रहस्य मैहर धाम को श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण बनाता है।
Nation24 Network
Published on: सितम्बर 13, 2026, 6:36 पूर्वाह्न GMT+0530 | Updated on: सितम्बर 13, 2026, 7:22 पूर्वाह्न GMT+0530 | 1 min read

HIGHLIGHTS

1मध्य प्रदेश के मैहर में त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा मंदिर ब्रह्ममुहूर्त में कौन करता है पहली पूजा?
2मैहर के माँ शारदा मंदिर का हैरान करने वाला वो सच...
312 साल की तपस्या से जुड़ी है कहानी
4क्या आज भी जीवित हैं आल्हा - ऊदल ?

मैहर, मध्य प्रदेश : भारत में ऐसे अनेक धार्मिक स्थल हैं, जिनसे जुड़ी आस्था के साथ रहस्य और लोककथाएं भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं। मध्य प्रदेश के मैहर में त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा मंदिर भी ऐसा ही एक प्रसिद्ध धाम है। यहां माता के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर से जुड़ी एक मान्यता आज भी लोगों के बीच विशेष कौतूहल पैदा करती है।कहा जाता है कि वीर योद्धा आल्हा और ऊदल मां शारदा के अनन्य भक्त थे और आज भी ब्रह्ममुहूर्त में मां के दरबार में सबसे पहले पूजा करने पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़ी इस मान्यता के पीछे क्या कहानी है और आल्हा-ऊदल का मैहर से संबंध कैसे बना? आइए जानते हैं पूरी कहानी।

त्रिकूट पर्वत पर विराजमान हैं मां शारदा

मां शारदा शक्तिपीठ धाम मैहर के प्रधान पुजारी श्री पवन जी महाराज मां की आरती करते हुए Video

मैहर का मां शारदा मंदिर त्रिकूट पर्वत पर स्थित है। जिला प्रशासन के अनुसार मंदिर करीब 600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहां पहुंचने के लिए सीढ़ियों का मार्ग है। वर्तमान में मंदिर तक श्रद्धालुओं की पहुंच के लिए आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।यह धाम धार्मिक आस्था के साथ मैहर की सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर मां शारदा मंदिर के साथ आल्हा देव मंदिर/आल्हा-ऊदल जलाशय को भी मैहर के प्रमुख स्थलों में शामिल किया गया है।

आल्हा-ऊदल कौन थे?

आल्हा और ऊदल का नाम बुंदेलखंड की प्रसिद्ध वीरगाथाओं में प्रमुखता से लिया जाता है। लोकपरंपरा में दोनों भाइयों को अद्भुत पराक्रम और युद्ध कौशल के लिए याद किया जाता है।मैहर जिला प्रशासन के इतिहास संबंधी विवरण में भी उल्लेख है कि राजा परमर्दिदेव चंदेल के शासनकाल से जुड़ी स्थानीय परंपरा के अनुसार आल्हा और ऊदल मां शारदा के बड़े अनुयायी थे। मान्यता है कि उन्होंने जंगलों के बीच स्थित देवी के इस धाम के दर्शन किए और मां को ‘शारदा माई’ कहकर पुकारा। यही वजह है कि मैहर में मां शारदा को श्रद्धा से ‘शारदा माई’ कहने की परंपरा को आल्हा की कथा से भी जोड़ा जाता है।

12 साल की तपस्या से जुड़ी है कहानी

मैहर की लोकमान्यता के अनुसार, मां शारदा की भक्ति में आल्हा ने त्रिकूट पर्वत पर कठोर तपस्या की थी। जनश्रुति में उनकी तपस्या की अवधि 12 वर्ष बताई जाती है।कहा जाता है कि उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां शारदा ने उन्हें दर्शन दिए और आशीर्वाद प्रदान किया। कुछ लोककथाओं में तो उन्हें अमरत्व का वरदान मिलने की बात भी कही जाती है।हालांकि, इन घटनाओं को ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य के बजाय धार्मिक लोकमान्यता और जनश्रुति के रूप में देखा जाना चाहिए।

आज भी मौजूद है आल्हा का तालाब और अखाड़ा

आल्हा-ऊदल की कहानी केवल लोकगीतों और कथाओं तक सीमित नहीं है। मैहर में उनके नाम से जुड़े स्थान आज भी देखे जा सकते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, मां शारदा मंदिर की पहाड़ी की तलहटी में आल्हा का तालाब और अखाड़ा आज भी मौजूद हैं। इन्हें मैहर के ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है।स्थानीय मान्यता है कि आल्हा इसी क्षेत्र में साधना करते थे और तालाब में स्नान करने के बाद मां शारदा के दर्शन के लिए जाते थे।

सबसे बड़ा रहस्य—ब्रह्ममुहूर्त में कौन करता है पहली पूजा?

मैहर की मां शारदा से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में से एक है कि मंदिर के पट खुलने से पहले ही मां की पूजा हो जाती है।स्थानीय परंपरा में कहा जाता है कि आल्हा आज भी ब्रह्ममुहूर्त में मां शारदा के दरबार में पहुंचते हैं और पहली पूजा करते हैं। कुछ धार्मिक कथाओं के अनुसार, जब सुबह मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तो मां का श्रृंगार और पूजा पहले से हुई मिलती है। इसी वजह से श्रद्धालुओं के बीच यह सवाल हमेशा चर्चा में रहता है, आखिर मंदिर खुलने से पहले मां की पूजा कौन करता है? कुछ मीडिया रिपोर्टों में मंदिर से जुड़े पुजारियों के हवाले से भी इस लोकमान्यता का उल्लेख किया गया है कि मां का पहला श्रृंगार आल्हा द्वारा किए जाने की मान्यता है।

क्या सच में आज भी आते हैं आल्हा-ऊदल?

यही इस पूरी कहानी का सबसे रहस्यमयी पहलू है। आल्हा-ऊदल के आज भी मंदिर में आने का कोई स्वतंत्र वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। लेकिन धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपरा में इस कहानी का विशेष महत्व है। सदियों से चली आ रही यह मान्यता आज भी मैहर आने वाले श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।मैहर जिला प्रशासन स्वयं आल्हा-ऊदल को मां शारदा का अनन्य उपासक बताता है और उनके नाम से जुड़े तालाब तथा अखाड़े को यहां के प्रमुख स्थलों में शामिल करता है।

मंदिर से जुड़ी मान्यताओं ने बढ़ाया रहस्य

मां शारदा मंदिर और आल्हा-ऊदल की कहानी ने मैहर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ रहस्य और लोकसंस्कृति का भी केंद्र बना दिया है।मंदिर परिसर में आज भी आल्हा गायन की परंपरा दिखाई देती है। मैहर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर मंदिर परिसर में वर्ष 2022-23 के दौरान तत्कालीन प्रशासक की उपस्थिति में हुए आल्हा गायन का भी उल्लेख और वीडियो उपलब्ध है। इससे यह जरूर स्पष्ट होता है कि आल्हा की वीरगाथा और मां शारदा की भक्ति मैहर की सांस्कृतिक परंपरा में आज भी जीवित है।

आस्था और इतिहास के बीच मैहर की अलग पहचान

मैहर की पहचान सिर्फ एक मंदिर तक सीमित नहीं है। यहां त्रिकूट पर्वत, मां शारदा का धाम, आल्हा-ऊदल से जुड़े स्थल और सदियों पुरानी लोकपरंपराएं मिलकर एक अनोखी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत बनाते हैं।मां शारदा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का केंद्र है, जबकि आल्हा-ऊदल की कथा इसे वीरता और लोकगाथाओं से जोड़ती है।

ब्रह्ममुहूर्त में मां की पहली पूजा कौन करता है ?

इस सवाल का निश्चित उत्तर आज भी रहस्य और आस्था के बीच है। लेकिन इतना जरूर है कि आल्हा और मां शारदा की यह कहानी मैहर की पहचान का ऐसा हिस्सा बन चुकी है, जिसे लोग आज भी श्रद्धा और कौतूहल के साथ सुनते हैं।आखिर में…मैहर की इस कहानी में इतिहास, लोकगाथा और धार्मिक विश्वास तीनों दिखाई देते हैं। जहां सरकारी रिकॉर्ड आल्हा-ऊदल को मां शारदा का अनन्य उपासक बताता है, वहीं उनके आज भी पूजा करने की बात लोकमान्यता के रूप में प्रचलित है।यही रहस्य मैहर के शारदा धाम को श्रद्धालुओं के लिए और भी खास बना देता है, जहां हर सुबह मां के दरबार के साथ एक सदियों पुरानी कहानी भी फिर से जीवंत हो उठती है।

Nation24 Network को सहयोग करें

स्वतंत्र और भरोसेमंद समाचारों के लिए Nation24 Network को अपना सहयोग दें।

SHARE THIS ARTICAL

Facebook WhatsApp Telegram

ABOUT AUTHOR

News Desk

Nation24Network एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक देश-प्रदेश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, महत्वपूर्ण और जनहित की खबरें सरल एवं स्पष्ट भाषा में पहुंचाना है।

Nation24Network की संपादकीय टीम राजनीति, अपराध, राज्य समाचार, देश-दुनिया, मनोरंजन, शिक्षा, खेल, एक्सक्लूसिव खबरों और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाचार एवं विश्लेषण प्रकाशित करती है। हमारा प्रयास है कि पाठकों को खबरों की जानकारी तेज, जिम्मेदार और निष्पक्ष तरीके से उपलब्ध कराई जाए। हम पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, पारदर्शिता और जनहित—को प्राथमिकता देते हैं। किसी भी खबर में आवश्यक सुधार या तथ्यात्मक त्रुटि सामने आने पर उसे उचित तरीके से अपडेट करने का प्रयास किया जाता है।

Nation24Network का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि पाठकों को जागरूक करना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।

Follow on :

Latest News

ताज़ा 10 खबरें
Jaunpur News: 51 किलो की माला, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा… राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर का जौनपुर में भव्य स्वागत 10 अक्टूबर 2026, 8:14 पूर्वाह्न Jaunpur News: 51 किलो की माला, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा… राज्यसभा सांसद विद्यासागर सोनकर का जौनपुर में भव्य स्वागत UP Politics :  CM योगी खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं, ….जनता पानी उतार देगी, अखिलेश यादव ने दी खुली चुनौती 08 अक्टूबर 2026, 9:47 अपराह्न UP Politics : CM योगी खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं, ….जनता पानी उतार देगी, अखिलेश यादव ने दी खुली चुनौती UP News: जौनपुर में 10 अक्टूबर को जॉब फेयर, 5000 युवाओं को रोजगार दिलाएंगे कांग्रेस नेता विकेश सिंह 08 अक्टूबर 2026, 2:54 अपराह्न UP News: जौनपुर में 10 अक्टूबर को जॉब फेयर, 5000 युवाओं को रोजगार दिलाएंगे कांग्रेस नेता विकेश सिंह Jaunpur News: हाईकोर्ट से जमानत न मिलने पर अधिवक्ता को बनाया बंधक, छुड़ाने पहुंचे सीनियर वकील भी रोके गए; पुलिस ने 4 को बचाया, 10 नामजद समेत 22 पर केस दर्ज 08 अक्टूबर 2026, 10:01 पूर्वाह्न Jaunpur News: हाईकोर्ट से जमानत न मिलने पर अधिवक्ता को बनाया बंधक, छुड़ाने पहुंचे सीनियर वकील भी रोके गए; पुलिस ने 4 को बचाया, 10 नामजद समेत 22 पर केस दर्ज Jaunpur News: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, डॉ. सूर्यभान यादव के बयान से गरमाई सियासत 08 अक्टूबर 2026, 7:36 पूर्वाह्न Jaunpur News: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, डॉ. सूर्यभान यादव के बयान से गरमाई सियासत Jaunpur News: ‘BJP के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, संविधान और लोकतंत्र खतरे में – शैलेंद्र यादव ‘ललई’ 07 अक्टूबर 2026, 11:53 अपराह्न Jaunpur News: ‘BJP के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग’, संविधान और लोकतंत्र खतरे में – शैलेंद्र यादव ‘ललई’ UP News: NH-233 पर हादसों को लेकर जौनपुर में किसान नेता अजीत सिंह डोभी की बड़ी मांग, 16 किमी हिस्से में भारी वाहनों की नो-एंट्री की अपील 05 अक्टूबर 2026, 5:28 अपराह्न UP News: NH-233 पर हादसों को लेकर जौनपुर में किसान नेता अजीत सिंह डोभी की बड़ी मांग, 16 किमी हिस्से में भारी वाहनों की नो-एंट्री की अपील UP News : ट्रेन में लावारिश मिले जौनपुर के तीन नाबालिग बच्चे, RPF ने सुरक्षित कानपुर सेंट्रल पहुंचाया, परिजनों का पता लगाने में जुटी पुलिस 05 अक्टूबर 2026, 12:19 अपराह्न UP News : ट्रेन में लावारिश मिले जौनपुर के तीन नाबालिग बच्चे, RPF ने सुरक्षित कानपुर सेंट्रल पहुंचाया, परिजनों का पता लगाने में जुटी पुलिस SIR विवाद: वोटिंग अधिकार पर जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की अहम टिप्पणी, ‘वोट के अधिकार से वंचित करना नहीं हो सकता सही’ 05 अक्टूबर 2026, 8:00 पूर्वाह्न SIR विवाद: वोटिंग अधिकार पर जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की अहम टिप्पणी, ‘वोट के अधिकार से वंचित करना नहीं हो सकता सही’ Jaunpur News: कांस्य पदक विजेता रोहित यादव से मिले राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, परिवार को दी बधाई 04 अक्टूबर 2026, 12:16 पूर्वाह्न Jaunpur News: कांस्य पदक विजेता रोहित यादव से मिले राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, परिवार को दी बधाई