Jaunpur News : “नमस्ते DM अंकल, प्लीज़ हमारी रोड बनवा दीजिए…” सुरक्षित स्कूल पहुंचने के लिए मासूम बेटी की गुहार, ‘सुनो सरकार’

HIGHLIGHTS
Jaunpur News: “नमस्ते जौनपुर के DM सैमुअल पॉल अंकल जी… प्लीज मेरी रोड बनवा दीजिए, ताकि हम लोग सुरक्षित टाइम पर स्कूल पहुंच सकें।” उत्तर प्रदेश के जौनपुर से सामने आए एक वीडियो में एक मासूम बच्ची की यह अपील लोगों का ध्यान खींच रही है। Instagram पर @BRIJESH_KUMAR.24 अकाउंट से पोस्ट किया गया करीब 40 सेकेंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में तीन बच्चे खेतों के बीच बने संकरे और बदहाल रास्ते से स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं। बारिश के बाद रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे साइकिल चलाने के बजाय उसे लेकर पैदल आगे बढ़ रहे हैं। बच्ची का कहना है कि रास्ते में गड्ढों और फिसलन के कारण बच्चे गिर जाते हैं और उनकी स्कूल ड्रेस खराब हो जाती है।
खेत की मेड़ से होकर स्कूल पहुंचते हैं बच्चे
वायरल वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक मामला बदलापुर विधानसभा क्षेत्र के लखनेपुर, घनश्यामपुर का बताया गया है। वीडियो में खेतों के बीच एक बेहद संकरा रास्ता दिखाई देता है। बारिश के बाद रास्ते की मिट्टी कीचड़ में बदल गई है और जगह-जगह पानी जमा नजर आ रहा है। इसी रास्ते से बच्चे रोजाना स्कूल आने-जाने की कोशिश करते हैं। वीडियो में एक बच्चा साइकिल लेकर कीचड़ के बीच पैदल चलता दिखाई देता है। आसपास खेत हैं और पक्की सड़क जैसी सुविधा नजर नहीं आती। बच्चों के लिए यह रास्ता केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी रोज की पढ़ाई तक पहुंचने का रास्ता है। ऐसे में बरसात के दौरान इसकी स्थिति उनके सफर को और मुश्किल बना देती है।
“फिसलकर गिर जाते हैं, ड्रेस खराब हो जाती है”
वीडियो में बच्ची जिस सहज अंदाज में अपनी परेशानी बता रही है, वही इस पूरे मामले को भावुक बना देता है। वह जिलाधिकारी को हाथ जोड़कर नमस्ते करती है और बताती है कि बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। उसके मुताबिक रास्ते पर गड्ढे हैं और फिसलन के कारण बच्चे गिर जाते हैं, जिससे उनकी ड्रेस भी खराब हो जाती है। बच्ची यह भी बताती है कि गांव में आने वाले मेहमानों को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है और वे भी फिसलकर गिर जाते हैं। यानी रास्ते की परेशानी केवल स्कूली बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के दूसरे लोगों के आवागमन से भी जुड़ी हुई है।
बच्ची ने DM से सीधे लगाई गुहार
वीडियो में बच्ची जौनपुर के जिलाधिकारी सैमुअल पाल से सड़क बनवाने की अपील करती है। वह बताती है कि उसके अंकल की ओर से सड़क को लेकर कई बार आवेदन दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन उसकी जानकारी के अनुसार अभी तक सुनवाई नहीं हुई। जौनपुर के डीएम से हाथ जोडकर अपील करते हुए बच्ची कहती है – “नमस्ते जौनपुर के DM सैमुअल पॉल अंकल जी! हम इसी रास्ते से रोज स्कूल जाते हैं सडक पर बहुत गड्ढ़े हैं हम फिसलकर गिर जाते हैं, हमारी ड्रेस खराब हो जाती है. कोई मेहमान आता है तो फिसलकर गिर जाता है. यहाँ रास्ता नही है सब लोग खेत की मेड से आते जाते हैं. मेरे अंकल डीएम से बहुत बार एप्लीकेशन दिए पर कोई सुनवाई नही हुई. प्लीज़ सैमुअल पॉल अंकल जी मेरी रोड बनवा दीजिये ताकि हम लोग सुरक्षित टाइम पर स्कूल पहुँच सके थैंक यू”.
वीडियो में दी गई स्थान संबंधी जानकारी: लखनेपुर, घनश्यामपुर, बदलापुर क्षेत्र, जौनपुर।
इसके बाद बच्ची अपनी बात को एक उम्मीद के साथ खत्म करती है कि सड़क बन जाए तो बच्चे सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंच सकें।एक बच्चे की यह अपील ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की अहमियत को सामने लाती है। बेहतर संपर्क मार्ग से स्कूल, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
बारिश ने बढ़ाई रास्ते की मुश्किल
बरसात के मौसम में कच्चे या अधूरे रास्तों पर कीचड़ और जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। खेतों के बीच बने संकरे रास्ते पर इसका असर और ज्यादा दिखाई दे सकता है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए कीचड़ में संतुलन बनाना भी मुश्किल हो सकता है।वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति के आधार पर स्थानीय स्तर पर रास्ते की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण जरूरी है। इससे यह पता चल सकेगा कि समस्या का समाधान सड़क निर्माण, रास्ते की मरम्मत, जलनिकासी या किसी अन्य स्थानीय व्यवस्था के जरिए किस तरह किया जा सकता है।
“सुरक्षित टाइम पर स्कूल पहुंच सके” — मासूम की उम्मीद
बच्ची की पूरी अपील का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका यह कहना है कि सड़क बन जाने से वे सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंच सकेंगे। उसकी मांग किसी बड़ी सुविधा की नहीं, बल्कि रोज स्कूल जाने के लिए एक ठीक रास्ते की है। शिक्षा तक पहुंच केवल स्कूल में दाखिले तक सीमित नहीं होती। बच्चों को रोज सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचने और वापस घर आने का अवसर मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गांवों में संपर्क मार्ग की स्थिति इसी व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने लोगों का ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मौके की स्थिति का संज्ञान लेते हैं या नहीं और रास्ते की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद क्या कदम उठाया जाता है। फिलहाल वायरल वीडियो और उसमें दी गई जानकारी के आधार पर ही यह मामला सामने आया है। सड़क निर्माण या प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में किसी आधिकारिक आदेश की पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आगे की स्थिति प्रशासन के निरीक्षण और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक मासूम बच्ची ने हाथ जोड़कर अपनी बात रखी है। उसकी गुहार में सिर्फ सड़क की मांग नहीं, बल्कि स्कूल तक सुरक्षित पहुंचने की उम्मीद भी है। अब सवाल यही है कि खेतों की मेड़ से स्कूल जाने वाले इन बच्चों की आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचती है और इस रास्ते की तस्वीर कब बदलती है।
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