Jaunpur News: बिजली के खंभे के स्टे तार में दौड़ा करंट, 60 वर्षीय ग्रामीण की गई जान

HIGHLIGHTS
जौनपुर में मानसून के दौरान बिजली से जुड़ी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में शुक्रवार सुबह उस समय हादसा हो गया, जब 60 वर्षीय राजमनी मिश्र बिजली के खंभे के स्टे तार के संपर्क में आ गए। बताया जा रहा है कि बारिश के कारण आसपास नमी की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान खंभे को सहारा देने वाले तार में विद्युत प्रवाह होने की आशंका जताई गई। राजमनी मिश्र जब उसके संपर्क में आए तो उन्हें करंट का तेज झटका लगा और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे
परिजन बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर ले गए। परिवार को उम्मीद थी कि समय पर चिकित्सा मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का बुरा हाल है और गांव का माहौल भी गमगीन हो गया। स्थानीय स्तर पर लोगों ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि बारिश के मौसम में बिजली के खंभों, तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी आवश्यक है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद सिंगरामऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर घटना की जानकारी जुटाने के साथ हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी पड़ताल की जा रही है।
बिजली विभाग की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद हरिहरपुर गांव के लोगों में बिजली विभाग की व्यवस्था को लेकर नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसी खंभे के स्टे तार में करंट प्रवाहित हो रहा था तो यह आम लोगों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम बन सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे इलाके की विद्युत व्यवस्था की जांच कराई जाए। विशेष रूप से उन खंभों और तारों का निरीक्षण होना चाहिए, जो बारिश के दौरान जमीन, पानी या नमी के संपर्क में आते हैं। लोगों का यह भी कहना है कि केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय बरसात के मौसम में पहले से सुरक्षा जांच की व्यवस्था होनी चाहिए।
परिवार के सामने बड़ा संकट
राजमनी मिश्र की मौत से उनका परिवार गहरे सदमे में है। अचानक हुई इस घटना ने परिजनों को भावनात्मक के साथ-साथ पारिवारिक चिंता में भी डाल दिया है। गांव के लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर सबक
हरिहरपुर की घटना ने बारिश के मौसम में विद्युत सुरक्षा को लेकर एक गंभीर संदेश दिया है। बिजली के खंभे, स्टे तार और अन्य विद्युत संरचनाएं आम लोगों की नजर में सामान्य लग सकती हैं, लेकिन किसी तकनीकी खराबी या विद्युत रिसाव की स्थिति में इनके संपर्क में जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी संदिग्ध बिजली के खंभे या तार को छूने के बजाय तुरंत बिजली विभाग को सूचना देना अधिक सुरक्षित कदम है। स्थानीय प्रशासन और विद्युत विभाग के लिए भी यह जरूरी है कि शिकायतों और संभावित जोखिम वाले स्थानों की नियमित निगरानी की जाए।
फिलहाल हरिहरपुर हादसे में पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच से यह स्पष्ट होगा कि स्टे तार में विद्युत प्रवाह किस कारण हुआ। ग्रामीणों की मांग के बाद अब बिजली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर भी नजर रहेगी।
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