Gorakhpur News: चाइनीज मांझे से गर्दन कटने पर बाइक सवार की मौत, दारोगा सस्पेंड

HIGHLIGHTS
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पतंग के मांझे से गर्दन कटने के बाद बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तिवारीपुर थाना क्षेत्र में हुई इस दर्दनाक घटना में 35 वर्षीय रमेश कनौजिया ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। मामले में गैर इरादतन हत्या समेत संबंधित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ अगले 48 घंटे तक विशेष अभियान चलाने का भी फैसला किया है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र स्थित माधोपुर के रहने वाले रमेश कनौजिया शनिवार दोपहर बाइक से जा रहे थे। वह इलाहीबाग के हरबर्ट बांध वाले रास्ते से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक पतंग का मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। धागे की धार इतनी तेज थी कि उनकी गर्दन पर गंभीर घाव हो गया।
चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
चोट लगने के बाद रमेश बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। उनकी गर्दन से तेजी से खून बहने लगा। अचानक हुए इस हादसे से आसपास मौजूद लोग घबरा गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद की। उन्हें गोरखपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार किया। हालांकि, गंभीर चोट के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। सड़क पर चलते समय पतंग का मांझा किसी व्यक्ति के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है, यह हादसा उसका गंभीर उदाहरण है।
चाइनीज मांझे को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि युवक की गर्दन में फंसा धागा चाइनीज मांझा हो सकता है। हालांकि, पुलिस की जांच जारी है।
चाइनीज मांझे को आमतौर पर अधिक धारदार और खतरनाक माना जाता है। इसकी चपेट में आने से दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और पक्षियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। सड़क पर उड़ता हुआ या बिजली के तारों और पेड़ों में उलझा मांझा अचानक रास्ते से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
ऐसे हादसों से बचाव के लिए प्रतिबंधित मांझे की खरीद-बिक्री पर रोक का पालन जरूरी है। दुकानदारों को प्रतिबंधित सामग्री बेचने से बचना चाहिए। वहीं, पतंग उड़ाने वालों को भी सार्वजनिक सड़कों और भीड़भाड़ वाले स्थानों के आसपास खतरनाक धागों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
चौकी प्रभारी पर कार्रवाई, जांच जारी
हादसे के बाद पुलिस विभाग ने संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। एसपी सिटी निमिष पाटिल के मुताबिक, मांझे से गर्दन पर गंभीर चोट लगने के बाद युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। इसमें गैर इरादतन हत्या से संबंधित धारा भी शामिल किए जाने की बात कही गई है। मामले की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ अगले 48 घंटे तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य खतरनाक धागे के इस्तेमाल पर रोक लगाना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की आशंका को कम करना है।
सड़क पर चलते समय सावधानी जरूरी
गोरखपुर की यह घटना बताती है कि पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाला धारदार धागा भी जानलेवा बन सकता है। खासकर बाइक सवारों के लिए सड़क पर फैला या हवा में लटकता मांझा गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
वाहन चालकों को रास्ते में लटकते धागे दिखाई देने पर सावधानी बरतनी चाहिए और जल्दबाजी में आगे बढ़ने से बचना चाहिए। हालांकि, हर परिस्थिति में ऐसे धागे को समय रहते देख पाना संभव नहीं होता। इसलिए केवल व्यक्तिगत सावधानी पर्याप्त नहीं है; प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि हादसे में किस तरह के मांझे का इस्तेमाल हुआ था और घटना किन परिस्थितियों में हुई। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
स्वतंत्र और भरोसेमंद समाचारों के लिए Nation24 Network को अपना सहयोग दें।

