Bengal Politics: सुवेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, बोले- ‘असुरों और एंटी-नेशनल ताकतों से रहें सावधान’

HIGHLIGHTS
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को लेकर बड़ा बयान दिया। शहर में गणेश पूजा कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उन्होंने लोगों से कथित तौर पर ‘असुरों’ और ‘एंटी-नेशनल ताकतों’ से सतर्क रहने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा और सनातन परंपराओं की रक्षा करने की बात कही।अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को फिर से मजबूती मिली है। उन्होंने इसे ‘सात्विक संस्कृति’ बताते हुए कहा कि इसे बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है।
पूजा को लेकर वाम दलों पर निशाना
गणेश पूजा कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें पूजा शब्द के इस्तेमाल और धार्मिक आयोजनों को लेकर वामपंथी नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी सार्वजनिक रूप से धार्मिक परंपराओं से जुड़े आयोजनों में हिस्सा लेते रहेंगे।उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के बाहर लगने वाले बुक स्टॉल के नाम को लेकर भी वाम दलों की आलोचना की। अधिकारी का आरोप है कि कुछ जगहों पर ‘दुर्गा पूजा’ की जगह ‘शरदोत्सव’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है।
सनातन परंपराओं की रक्षा की अपील
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सनातनी धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने तिलक, धोती, तुलसी, शंखा-पोला और सिंदूर जैसी परंपराओं को सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए इनके सम्मान और संरक्षण की बात कही।गणेश पूजा को लेकर उन्होंने कहा कि यह परंपरा महाराष्ट्र से जुड़ी होने के बावजूद अब पश्चिम बंगाल के कई परिवारों में भी लोकप्रिय हो चुकी है। उन्होंने इसे अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का उदाहरण बताया।
भाषा के नाम पर भेदभाव का मुद्दा उठाया
बेहाला में आयोजित एक अन्य गणेश पूजा कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल में भाषाई आधार पर कथित विभाजन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले बंगाली, हिंदी, गुजराती और बिहारी भाषी समुदायों के बीच एक दूरी पैदा करने की कोशिश की गई, लेकिन अब वह अंतर कम हुआ है।उन्होंने दावा किया कि धार्मिक आयोजनों को लेकर पहले कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता था। अधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को राजनीतिक या भाषाई विभाजन का माध्यम न बनने दें।
दुर्गा पूजा और खान-पान विवाद पर भी बोले
दुर्गा पूजा के दौरान शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को लेकर चल रही बहस पर भी सुवेंदु अधिकारी ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग समय और अवसरों के अनुसार रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है।उन्होंने कार्ल मार्क्स के धर्म संबंधी प्रसिद्ध विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन परंपराओं को समझने के लिए बंगाल को किसी बाहरी विचारधारा से सीख लेने की जरूरत नहीं है।
पितृ पक्ष को लेकर भी अपील
सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष और देवी पक्ष की धार्मिक परंपराओं को उनके निर्धारित समय के अनुसार ही मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा के कार्यक्रमों में शामिल होने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ऐसे राजनीतिक आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।अधिकारी ने अपने संबोधन के दौरान पश्चिम बंगाल को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जोड़ते हुए लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की।
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