Azamgarh Triple Murder : पत्नी और दो पंडितों की हत्या, 7 घंटे चला ऑपरेशन…आरोपी अरविंद सिंह की मौत, बेटे ने भी तोड़ा दम

HIGHLIGHTS
आजमगढ़: अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुए ट्रिपल मर्डर मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पत्नी और दो पंडितों की हत्या के आरोप के बाद बच्चों के साथ घर में बंद अरविंद सिंह को बाहर निकालने के लिए पुलिस ने करीब सात घंटे तक ऑपरेशन चलाया। पुलिस के समझाने के बाद भी अरविंद घर से बाहर नहीं आया। बाद में स्थिति बिगड़ने पर कमांडो टीम ने कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, अंदर से फायरिंग किए जाने के बाद जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान अरविंद को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन के दौरान अरविंद के एक बेटे को भी गोली लगी थी। इलाज के दौरान उसकी भी मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, दो बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पूजा के दौरान शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम अरविंद के घर में पूजा-पाठ चल रहा था। पूजा के लिए कुछ पंडित घर पहुंचे थे। इसी दौरान अरविंद बाजार से घर आया।घर में पूजा होते देखकर उसने पंडितों से सवाल किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पंडितों से आधार कार्ड दिखाने को लेकर उसकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने के बाद फायरिंग की घटना हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में अरविंद पर अपनी पत्नी बबीता और दो पंडितों को गोली मारने का आरोप है। तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद घर में मौजूद कुछ लोग वहां से निकल गए।
तीन लोगों की मौत के बाद कमरे में बंद हुआ आरोपी
फायरिंग के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और अरविंद से बाहर आने की अपील की।पुलिस अधिकारियों की कोशिश थी कि आरोपी बिना किसी नुकसान के बाहर आ जाए और बच्चों को सुरक्षित निकाला जा सके। लेकिन काफी देर तक बातचीत के बावजूद वह बाहर नहीं आया।
ADG नवीन अरोड़ा भी पहुंचे मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे। उनके अलावा पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे।अधिकारियों ने लगातार अरविंद को समझाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, करीब सात घंटे तक उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया।इस दौरान पुलिस की प्राथमिकता कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था।
कमांडो टीम ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
जब लंबे समय तक बातचीत के बाद भी अरविंद बाहर नहीं आया तो बच्चों के रेस्क्यू के लिए विशेष कमांडो टीम को बुलाया गया।कमांडो टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। पुलिस के अनुसार, अरविंद ने घर के अंदर से फायरिंग की। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस अधिकारीयों के अनुसार, अरविंद की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद कमांडो टीम ने कमरे में प्रवेश किया और बच्चों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की।
आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हुआ
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरविंद को गोली लगी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।हलाकि इलाज के दौरान अरविंद की मौत हो गई। पुलिस अब पूरे ऑपरेशन और फायरिंग की परिस्थितियों की जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
एक बेटे की भी मौत, दो बेटियां सुरक्षित
ऑपरेशन के दौरान अरविंद के एक बेटे को भी गोली लगी थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उसकी मौत की जानकारी सामने आई।वहीं, अरविंद की दो बेटियों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चियां घटना के बाद काफी डरी हुई थीं और उन्हें चिकित्सकीय देखभाल दी गई।
परिवार की पूजा को लेकर क्या सामने आया?
जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि अरविंद के घर में धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। परिवार की ओर से यह पूजा किसी पारिवारिक घटना से जुड़ी बताई गई है। पुलिस के अनुसार, अरविंद पूजा कराए जाने को लेकर सहमत नहीं था। मंगलवार को घर लौटने के बाद इसी बात को लेकर विवाद हुआ। हालांकि, पुलिस अभी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। इसलिए विवाद और फायरिंग तक पहुंचने की असल वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी ।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी जांच
पुलिस और परिवार की ओर से अरविंद के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े उपचार की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि उसका इलाज चल रहा था। हालांकि आरोपी की मानसिक स्थिति के बारे में अंतिम निष्कर्ष केवल डॉक्टरों की रिपोर्ट और आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने घटनास्थल से जुटाए सबूत
घटना के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घर की जांच की। घटनास्थल से हथियार और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए गए। तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस फायरिंग के क्रम, हथियारों और घटना से पहले हुए विवाद की जांच कर रही है।
अब पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच?
पुलिस की जांच में मुख्य रूप से इन बातों को शामिल किया जा रहा है:
- पूजा के दौरान विवाद किस वजह से शुरू हुआ?
- फायरिंग की शुरुआत कैसे हुई?
- घटना में कौन-कौन से हथियार इस्तेमाल हुए?
- कमरे के अंदर से कितनी फायरिंग हुई?
- रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बच्चे कैसे घायल हुए?
- आरोपी की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी क्या थी?
- घटना से पहले परिवार में क्या परिस्थितियां थीं?
इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगे।
आजमगढ़ के SSP डॉ अनिल कुमार ने आपरेशन के दौरान गोली लगने से घायल आरोपी की इलाज के दौरान मौत होने की जानकारी दी
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