Jaunpur News: जौनपुर में दुर्गा पूजा पंडाल में करंट लगने से 7 साल के बच्चे की मौत, डीएम ने दिए सुरक्षा जांच के निर्देश

HIGHLIGHTS
जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दुर्गा पूजा पंडाल में करंट लगने से सात साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह हादसा केराकत कोतवाली क्षेत्र के कटहरा गांव में हुआ। बताया गया कि पंडाल में रात के समय आरती के दौरान टेंट में लगी पाइप में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आने से बच्चा गंभीर रूप से प्रभावित हो गया। परिजन और आसपास मौजूद लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। बच्चे की मौत से गांव में भी शोक का माहौल है।
आरती के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, कटहरा गांव में दुर्गा पूजा के अवसर पर पंडाल लगाया गया था। यहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए लोग एकत्र हुए थे। इसी दौरान टेंट में लगी पाइप में करंट उतरने की घटना सामने आई। इसकी चपेट में नीरज पटेल का 7 वर्षीय बेटा रिवांश पटेल आ गया।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बच्चे को बचाने और उसे तत्काल उपचार दिलाने की कोशिश की गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। त्योहार के माहौल में हुई इस दुखद घटना ने गांव के लोगों को भी झकझोर दिया। बिजली की व्यवस्था में लापरवाही या सुरक्षा संबंधी चूक किस स्तर पर हुई, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इस घटना ने पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है।
डीएम ने घटना को बताया बेहद दुखद
जिलाधिकारी जौनपुर सैमुअल पॉल एन ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि केराकत थाना क्षेत्र के कटरा गांव में दुर्गा पूजा पंडाल में करंट लगने से बच्चे की मौत हुई है। यह अत्यंत दुखद घटना है।डीएम के अनुसार, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके बाद अंतिम संस्कार कराया गया। उन्होंने पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को सहायता देने का आश्वासन ऐसे समय में आया है, जब परिवार अपने मासूम बच्चे को खोने के गहरे दुख से गुजर रहा है।
जिले के 2071 पूजा पंडालों की होगी सुरक्षा जांच
इस घटना के बाद जिले में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कदम उठाने की बात कही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जौनपुर में स्थापित सभी 2071 पूजा पंडालों में विद्युत और अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की जांच पूरी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारियों (सीओ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा जांच के बाद आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी करने की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा पंडालों में बिजली के तारों, कनेक्शन और आग से बचाव के इंतजामों में किसी तरह की लापरवाही न हो।हालांकि, सभी पंडालों की जांच और NOC जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी होती है या नहीं, इस पर प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
डीएम की अपील- कटिया कनेक्शन से बचें
ने लोगों से बिजली के अवैध कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के बावजूद इस तरह की दुखद घटना का होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूजा समितियों और आयोजकों को वैध विद्युत कनेक्शन लेना चाहिए।दुर्गा पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजनों में बिजली की व्यवस्था करते समय विशेष सावधानी जरूरी है। पंडाल में इस्तेमाल होने वाली टेंट की पाइप, लोहे के ढांचे, तारों और अन्य उपकरणों की जांच की जानी चाहिए। बिजली के खुले तार या असुरक्षित कनेक्शन लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।आयोजकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि बिजली संबंधी कोई समस्या दिखाई देने पर तत्काल विद्युत विभाग के कर्मचारियों या योग्य इलेक्ट्रीशियन की मदद ली जाए। किसी भी उपकरण या धातु के ढांचे में करंट आने की आशंका हो तो उसे छूने से बचना चाहिए और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए।
सुरक्षा में लापरवाही रोकना जरूरी
कटहरा गांव में सात वर्षीय बच्चे की मौत केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों को गंभीरता से लेने की चेतावनी भी है। पूजा पंडालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आयोजकों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि विद्युत व्यवस्था सुरक्षित हो और आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।जिला प्रशासन ने सभी 2071 पंडालों की जांच के निर्देश देकर सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया है।
अब जरूरी है कि इन निर्देशों का समय पर पालन हो और किसी भी पंडाल में खतरनाक स्थिति मिलने पर उसे तत्काल ठीक कराया जाए।सात साल के मासूम की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। इस घटना के बाद पूजा आयोजनों में सुरक्षा मानकों का पालन और बिजली के वैध कनेक्शन का इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
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