Bihar Politics : बिहार MLC चुनाव में कांग्रेस-राजद आमने-सामने, 3 सीटों पर सीधा मुकाबला

HIGHLIGHTS
Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के बीच कुछ सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर अलग-अलग दावेदारी सामने आई है। कांग्रेस ने पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजद के प्रत्याशी भी मैदान में हैं। इससे कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीट पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हो गए हैं।हालांकि, कांग्रेस की ओर से घोषित दो शिक्षक सीटों पर फिलहाल राजद का प्रत्याशी सामने नहीं है। इसलिए मौजूदा स्थिति को सभी आठ सीटों पर कांग्रेस-राजद मुकाबले के रूप में देखना सही नहीं होगा।
कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए
कांग्रेस ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा को उम्मीदवार बनाया है।पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजय यादव को टिकट दिया गया है।
इसके अलावा कांग्रेस ने तीन स्नातक सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं। कोसी स्नातक से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक से डॉ. असदुल्लाह खान को प्रत्याशी बनाया गया है।इन पांच नामों की घोषणा के बाद तीन स्नातक सीटों पर राजद और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला बन गया है।
किन सीटों पर राजद-कांग्रेस आमने-सामने?
कोसी स्नातक सीट पर कांग्रेस ने मनोज कुमार जायसवाल को मैदान में उतारा है। इस सीट पर राजद की ओर से नीतेश कुमार उम्मीदवार हैं।दरभंगा स्नातक सीट पर कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और राजद के अनिल कुमार झा के बीच मुकाबला है।पटना स्नातक सीट पर कांग्रेस ने डॉ. असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि राजद की ओर से दिलीप कुमार मैदान में हैं।इस तरह इन तीन निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों सहयोगी दलों के प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
दो शिक्षक सीटों पर अलग स्थिति
कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक सीट से डॉ. मदन मोहन झा और पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है।मौजूदा जानकारी के मुताबिक इन दोनों सीटों पर राजद ने कांग्रेस के खिलाफ उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यानी इन सीटों पर कांग्रेस और राजद के बीच सीधा मुकाबला नहीं है।इसी वजह से बिहार विधान परिषद चुनाव में दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ सीटों पर दोनों दल अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कुछ सीटों पर ऐसा मुकाबला नहीं बना है।
राजद ने पहले घोषित किए थे उम्मीदवार
राजद ने कांग्रेस की सूची आने से पहले छह सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे। पार्टी की ओर से उस समय बाकी सीटों पर फैसला बाद में करने की बात कही गई थी।कांग्रेस की पांच उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद तीन स्नातक सीटों पर दोनों दलों के प्रत्याशी एक साथ मैदान में आ गए हैं।अब नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। अंतिम उम्मीदवारों की स्थिति नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद सामने आएगी।
कब होगा बिहार विधान परिषद का चुनाव?
बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी।इन आठ सीटों पर मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
कौन कर सकता है मतदान?
बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग मतदाता सूची होती है।स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वही व्यक्ति मतदान कर सकता है जो निर्धारित शैक्षणिक और निवास संबंधी शर्तों को पूरा करता हो तथा संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज हो।शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित अवधि का शिक्षण अनुभव रखने वाले पात्र शिक्षक मतदाता सूची में शामिल होकर मतदान करते हैं।इस चुनाव में इसलिए आम विधानसभा मतदाताओं के बजाय संबंधित स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता वोट डालेंगे।
आगे क्या होगा?
फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान उन तीन स्नातक सीटों पर है, जहां कांग्रेस और राजद दोनों ने उम्मीदवार उतारे हैं। नामांकन की अंतिम तारीख के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन सीटों पर कितने प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनाव मैदान में रहते हैं।दूसरी ओर, दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के सामने राजद की स्थिति अलग है। इसलिए चुनावी तस्वीर को सीट-दर-सीट देखना जरूरी है।
बिहार विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारों की अंतिम सूची 9 अक्टूबर को नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद स्पष्ट होगी। इसके बाद आठों निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
स्वतंत्र और भरोसेमंद समाचारों के लिए Nation24 Network को अपना सहयोग दें।
