UP News : देवरिया में ब्रेकर विवाद के बाद RSS कार्यकर्ता की मौत, 6 नामजद समेत 10 अज्ञात पर केस

HIGHLIGHTS
Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया में सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर हुआ विवाद जानलेवा हो गया। लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में हुई मारपीट में घायल RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।मृतक की पत्नी अमृता देवी की शिकायत पर पुलिस ने छह नामजद लोगों और 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सड़क पर ब्रेकर को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, भीखम छपरा गांव में सड़क का निर्माण चल रहा था। इसी दौरान सड़क पर ब्रेकर बनाने को लेकर रामेश्वर तिवारी और पड़ोस के लोगों के बीच विवाद हुआ।बताया गया है कि रामेश्वर तिवारी अपने घर के सामने ब्रेकर बनवाना चाहते थे। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई।परिवार की शिकायत के मुताबिक, रामेश्वर तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। वह इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान रामेश्वर तिवारी की मौत
मारपीट के बाद रामेश्वर तिवारी को परिजन लार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। उनकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटना के कारण गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की तैनाती भी की गई है।
पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
रामेश्वर तिवारी की पत्नी अमृता देवी ने 2 अक्टूबर को लार थाने में शिकायत दी। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में छह लोगों को नामजद किया गया है।नामजद आरोपियों में संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनित तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी के नाम शामिल हैं। शिकायत में 10 अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है।पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 291/26 दर्ज किया है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय कौन-कौन लोग मौजूद थे और मारपीट में किसकी क्या भूमिका थी।
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने थाने के पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की।जानकारी के अनुसार, लार थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें थाना प्रभारी, एक उपनिरीक्षक और दो बीट पुलिसकर्मी शामिल हैं।पुलिस विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई घटना से पहले की पुलिस व्यवस्था और कथित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच के तहत की गई है।
DIG ने गांव पहुंचकर लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर जोन के DIG एस. चन्नप्पा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ घटना की जानकारी ली।अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की जांच में सामने आएगी पूरी स्थिति
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ विवाद की शुरुआत और मारपीट की पूरी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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