UP Politics : दिव्या मित्तल पर OP राजभर की टिप्पणी से गरमाई सियासत, सपा नेता डॉ. सूर्यभान यादव बोले- ‘नौटंकी नाच से आए हैं, IAS बनकर दिखाएं’

HIGHLIGHTS
जौनपुर: पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के फैसले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी शुरू हो गई है। मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर की टिप्पणी के बाद अब समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. सूर्यभान यादव ने पलटवार किया है। उन्होंने राजभर के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर IAS बनना आसान है, तो राजनीति में सक्रिय लोग भी IAS बनकर दिखाएं।
डॉ. सूर्यभान यादव ने कहा कि प्रशासनिक सेवा और राजनीति दोनों अलग-अलग क्षेत्र हैं। IAS अधिकारी बनने के लिए कठिन प्रतियोगी परीक्षा और लंबी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं राजनीति में जनता के बीच काम करने, संगठन बनाने और चुनावी प्रक्रिया से गुजरने की अपनी अलग चुनौतियां हैं।
दिव्या मित्तल के बहाने राजभर पर निशाना
सपा नेता डॉ. सूर्यभान यादव ने कहा कि पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा में काम करने के बाद राजनीति में आने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति का अपना क्षेत्र बदलकर सार्वजनिक जीवन में आना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।सपा नेता ने राजभर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीति में आने वाले नेताओं को भी प्रशासनिक सेवा की कठिनाइयों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब IAS और दूसरी प्रशासनिक सेवाओं में काम कर चुके अधिकारी बाद में राजनीति में आए।
‘नौटंकी नाच से आए हैं…IAS बनकर दिखाएं“
अपने बयान में डॉ. सूर्यभान यादव ने ओम प्रकाश राजभर पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “नौटंकी नाच से आए हैं, इसीलिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। अगर इतना आसान है तो कोई नेता IAS बनकर दिखा दे।”उन्होंने कहा कि राजनीति में शिक्षित और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे लोगों के पास शासन, प्रशासन और जनता से जुड़ी समस्याओं को समझने का अनुभव होता है।
दिव्या मित्तल के फैसले का किया समर्थन
सूर्यभान यादव ने दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों का सार्वजनिक जीवन में आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन में काम करने वाले अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं और लोगों की समस्याओं की जानकारी होती है।उन्होंने यह भी कहा कि दिव्या मित्तल ने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के बजाय स्वतंत्र रूप से काम करने का फैसला किया है। इसके बावजूद उन्होंने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राजनीति में आने को लेकर क्या है दिव्या मित्तल का रुख?
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से अलग होकर राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में आने के पीछे शिक्षा, रोजगार, भ्रष्टाचार, सरकारी व्यवस्था और आम लोगों की समस्याओं जैसे मुद्दों को प्रमुख बताया है।दिव्या मित्तल ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह लोगों के साथ मिलकर काम करना चाहती हैं। इसी वजह से उनके राजनीतिक सफर को लेकर उत्तर प्रदेश में चर्चा तेज हुई है।
अनुप्रिया पटेल का भी किया जिक्र
डॉ. सूर्यभान यादव ने अपने बयान में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल को राजनीति में आने के लिए अनुप्रिया पटेल ने प्रेरित किया है। हालांकि, यह बात सूर्यभान यादव के बयान का हिस्सा है और दिव्या मित्तल की ओर से किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं हुई है। सपा नेता ने कहा कि अगर भविष्य में दिव्या मित्तल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से संपर्क करती हैं, तो पार्टी उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। यह उनकी राजनीतिक राय है।
‘पढ़े-लिखे लोगों को राजनीति में आना चाहिए’
सूर्यभान यादव ने कहा कि देश और समाज से जुड़े फैसलों में ऐसे लोगों की भागीदारी जरूरी है, जिन्हें प्रशासन, शिक्षा और व्यवस्था की समझ हो। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने वाले लोगों का अंतिम आकलन उनके काम और जनता के बीच उनकी भूमिका से होना चाहिए।
फिलहाल दिव्या मित्तल ने किसी दल का हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र रूप से सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने की बात कही है। वहीं, ओम प्रकाश राजभर की टिप्पणी और सूर्यभान यादव के पलटवार के बाद यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया है।
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