UP News: जौनपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 करोड़ 35 लाख के 2,239 गुम मोबाइल बरामद, खोए फ़ोन पा कर खिले चेहरे

HIGHLIGHTS
जौनपुर: मोबाइल फोन आज रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। फोन गुम होने पर केवल डिवाइस का नुकसान नहीं होता, बल्कि उसमें मौजूद निजी दस्तावेज, संपर्क, फोटो, बैंकिंग और अन्य डिजिटल जानकारी की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन जाती है। ऐसे मामलों में जौनपुर पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए बड़ी संख्या में गुम मोबाइलों को खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया है।
पुलिस के अनुसार CEIR पोर्टल और साइबर सेल की कार्रवाई के जरिए अब तक 2,239 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन सभी मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख रुपये बताई गई है। हालिया अभियान में 201 मोबाइल फोन मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी गई है।
CEIR पोर्टल से मिली मोबाइल तलाशने में मदद
मोबाइल फोन गुम होने के मामलों में CEIR यानी Central Equipment Identity Register एक महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था है। इसके माध्यम से मोबाइल डिवाइस की पहचान से जुड़ी जानकारी दर्ज कराई जा सकती है।
जौनपुर पुलिस ने बताया कि गुम मोबाइलों के संबंध में प्राप्त शिकायतों और CEIR पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के आधार पर तकनीकी स्तर पर उनकी तलाश की गई। संबंधित जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कई मोबाइल बरामद किए।बरामदगी के बाद मोबाइलों की पहचान और संबंधित प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके स्वामियों को सौंपा गया।
जौनपुर के अलावा दूसरे जिलों से भी बरामदगी
पुलिस की कार्रवाई केवल जौनपुर जिले तक सीमित नहीं रही। टीम को उत्तर प्रदेश के कई जिलों से भी गुम मोबाइल मिले। इनमें आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ मोबाइल उत्तर प्रदेश से बाहर भी पाए गए। पुलिस के मुताबिक दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान से भी मोबाइल बरामद किए गए हैं।
201 मोबाइल की हालिया बरामदगी
जौनपुर पुलिस के मुताबिक हाल की कार्रवाई में कुल 201 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये है। बरामद उपकरणों में अलग-अलग कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। इनमें OnePlus, Vivo, Redmi, Oppo, Realme, Tecno, Poco, Nokia, Apple और Samsung जैसे ब्रांड के मोबाइल बताए गए हैं। इन मोबाइलों को संबंधित स्वामियों को सौंपने की प्रक्रिया अपर पुलिस अधीक्षक नगर, अन्नत चन्द्रशेखर (IPS) (नोडल अधिकारी, साइबर क्राइम) एवं सहायक पुलिस अधीक्षक नगर, गोल्डी गुप्ता (IPS) की मौजूदगी में पूरी की जा रही है।
जिले के कई थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
201 मोबाइलों की बरामदगी में जौनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों की साइबर टीमों ने भी योगदान दिया।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार खुटहन से 21, कोतवाली से 17, मड़ियाहूँ से 15, बदलापुर और शाहगंज से 14-14 तथा बक्शा से 12 मोबाइल बरामद हुए। चन्दवक और सुजानगंज से 10-10, लाइन बाजार से 9, जबकि केराकत और जलालपुर से 8-8 मोबाइल मिले। रामपुर से 7, सरायख्वाजा से 6, मुंगरा बादशाहपुर और सरपतहाँ से 5-5 मोबाइल बरामद हुए। खेतासराय, गौरा बादशाहपुर और जफराबाद से 4-4 मोबाइल मिले। मछलीशहर से 3, मीरगंज, सिकरारा और महराजगंज से 2-2 तथा सिंगरामऊ और बरसठी से 1-1 मोबाइल बरामद किया गया। साइबर क्राइम थाना से भी 16 मोबाइल बरामद हुए। इन सभी का कुल आंकड़ा 201 मोबाइल है।
मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें ये काम
मोबाइल खोने के बाद सबसे जरूरी है कि इसकी सूचना जल्द से जल्द पुलिस को दी जाए। जौनपुर पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के साथ CEIR पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें।
फोन में बैंकिंग ऐप, ई-मेल, सोशल मीडिया या अन्य संवेदनशील जानकारी मौजूद होने पर संबंधित खातों की सुरक्षा को लेकर भी तत्काल जरूरी कदम उठाने चाहिए। मोबाइल खो जाने के बाद किसी अनजान व्यक्ति के संपर्क में आने या फोन वापस दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से भी सावधान रहना चाहिए।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है। किसी संदिग्ध SMS, ई-मेल या WhatsApp संदेश में दिए गए लिंक पर बिना जांच के क्लिक नहीं करना चाहिए।
बैंक से संबंधित किसी संदेश की जानकारी लेने के लिए आधिकारिक बैंकिंग माध्यम का इस्तेमाल करना सुरक्षित है। अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या QuickSupport जैसे रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल करने से भी बचना चाहिए। इसी तरह किसी अनजान QR कोड को स्कैन करने या फोन पर बताए गए निर्देशों के आधार पर UPI PIN साझा करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। UPI के जरिए पैसे प्राप्त करने के लिए PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे तुरंत 1930 पर सूचना देने की सलाह दी गई है। साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर भी दर्ज की जा सकती है।
जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसलिए साइबर ठगी की स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई से लोगों को राहत
गुम मोबाइल वापस मिलने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली है। जौनपुर पुलिस के मुताबिक अब तक बरामद किए गए 2,239 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 35 लाख रुपये है। मोबाइलों की बरामदगी में साइबर क्राइम थाना, साइबर क्राइम सेल और जिले के अलग-अलग थानों की साइबर टीमों ने मिलकर काम किया।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर मामले को नजरअंदाज न करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने और CEIR पोर्टल का इस्तेमाल करने से डिवाइस की तलाश की प्रक्रिया में मदद मिल सकती है।
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