UP Politics: ‘10-20 हजार से नहीं तो एक वोट से जीतेंगे’, सरकार और विधायक दोनों की होगी हैट्रिक… बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का बड़ा दावा, सर्वे को बताया गलत

HIGHLIGHTS
जौनपुर/बदलापुर। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच जौनपुर की बदलापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा का एक बयान चर्चा में है। विधायक ने चुनावी जीत को लेकर आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि जीत का अंतर चाहे 10-20 हजार वोट हो या महज एक हजार अथवा एक वोट, चुनाव उनकी ही जीत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और विधायक, दोनों स्तर पर हैट्रिक लगाने का लक्ष्य है।
रमेश चंद्र मिश्रा का यह बयान ऐसे समय आया है जब बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं बढ़ रही हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल अपने संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। विधायक ने अपने बयान में उन सर्वे रिपोर्टों पर भी सवाल उठाया, जिनमें उनके चुनावी समीकरण को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आने की बात कही जा रही है।
’10-20 हजार से नहीं तो एक वोट से जीतेंगे’
बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने अपने बयान में चुनावी जीत के अंतर को लेकर कहा कि जरूरी नहीं कि हर चुनाव बड़े अंतर से जीता जाए। उनका कहना था कि अगर जीत 10-20 हजार वोट से नहीं होती है तो एक हजार वोट से हो सकती है और अगर मुकाबला बेहद करीबी रहा तो एक वोट से भी जीत दर्ज की जा सकती है। उनका जोर इस बात पर था कि चुनाव में अंतिम परिणाम महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट रूप से चुनाव जीतने का दावा करते हुए कहा कि अंतर कितना होगा, यह अलग विषय है, लेकिन जीत उनकी ही होगी। महराजगंज क्षेत्र के एक महाविद्यालय में रविवार को आयोजित सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने यह बयान दिया है।
विधायक के इस बयान के बाद बदलापुर विधानसभा क्षेत्र की चुनावी चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि किसी भी चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही सामने आता है। फिलहाल यह बयान आगामी चुनाव को लेकर उनकी राजनीतिक स्थिति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
सरकार और विधायक दोनों की हैट्रिक का दावा
रमेश चंद्र मिश्रा ने अपने बयान में केवल अपनी सीट तक बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने सरकार और विधायक दोनों स्तर पर हैट्रिक लगाने की बात कही। यानी उनके बयान का एक हिस्सा प्रदेश की सत्ता से जुड़ा है, जबकि दूसरा बदलापुर विधानसभा सीट पर उनकी लगातार तीसरी जीत के लक्ष्य से संबंधित है।
रमेश चंद्र मिश्रा 2017 और 2022 में लगातार दो बार बदलापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हो चुके हैं। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार 2017 में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। 2022 में भी वह इस सीट से विजयी रहे। इस लिहाज से 2027 का चुनाव उनके लिए लगातार तीसरी विधानसभा जीत की कोशिश वाला चुनाव होगा।
2022 में बेहद करीबी रहा था मुकाबला
बदलापुर विधानसभा सीट पर 2022 का चुनाव काफी करीबी रहा था। चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा के रमेश चंद्र मिश्रा को 82,391 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के ओमप्रकाश दुबे को 81,065 वोट मिले। दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर 1,326 वोट रहा।
यही आंकड़ा इस सीट के पिछले विधानसभा मुकाबले की प्रतिस्पर्धा को समझने में मदद करता है। ऐसे में विधायक का यह कहना कि जीत का अंतर चाहे जितना हो, परिणाम उनके पक्ष में होगा, 2022 के करीबी मुकाबले के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि 2027 का चुनाव अलग परिस्थितियों में होगा। उम्मीदवारों, दलों की रणनीति, स्थानीय मुद्दों, मतदाताओं की प्राथमिकताओं और चुनावी समीकरणों में बदलाव का असर परिणाम पर पड़ सकता है।
सर्वे को विधायक ने बताया गलत
अपने बयान में रमेश चंद्र मिश्रा ने उन सर्वेक्षणों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें बदलापुर सीट को लेकर उनके पक्ष में अलग अनुमान लगाए जाने की चर्चा है। उन्होंने सर्वे के आकलन को खारिज करते हुए इसे गलत बताया। यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि किसी सर्वे का अनुमान चुनाव परिणाम नहीं होता। सर्वे अलग-अलग नमूने, समय और पद्धति के आधार पर तैयार किए जाते हैं, जबकि अंतिम चुनावी परिणाम वास्तविक मतदान और मतगणना से तय होता है।
बदलापुर में 2027 को लेकर बढ़ रही राजनीतिक हलचल
बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से चर्चा में हैं। इस सीट पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच इस बार भी संभावित मुकाबले देखने को मिल सकते है। भाजपा की ओर से विधायक रमेश चंद्र मिश्रा लगातार तीसरी जीत का दावा कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल भी अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने कहा की विकास के नाम पर वोट नही मिलता, पूर्वांचल के कई जिलों में कई सीटों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा की ये ऐसी सीटें हैं जहाँ जातिवाद के नाम पर मतदान होता है। हालाकि उन्होंने बदलापुर क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, पुल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं में अभूतपूर्व विकास कराने का दावा करते हुए विकास के दम पर तीसरी बर जीत दर्ज करने का दावा किया।
फर्जी और AI वीडियो से सरकार को बदनाम करने की साजिश :
विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने विपक्ष पर हमला बोले हुए कहा कि सरकार के विकास से विपक्ष परेशान है उसके पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए जनता को गुमराह करने के लिए दूसरी जगह के विडियो, एआई जनरेटेड वीडियो को वायरल करके सरकार और जनप्रतिधियों को बदनाम कर रही है। लेकिन जनता समझदार है सब जन चुकी है। आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। तीसरी बार फिर पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार के एक वीडियो को बदलापुर का बताकर वायरल किया जा रहा है। विपक्षी बौखलाट में अब इस स्तर पर उतरकर झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया का दुरुपयोग हो रहा है। इसलिए लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कार्रवाई की भी मांग की है।
आगे क्या होगा, चुनाव के नतीजे बताएंगे
रमेश चंद्र मिश्रा के ताजा बयान ने बदलापुर की चुनावी चर्चा को जरूर तेज कर दिया है। उन्होंने अपनी जीत को लेकर स्पष्ट दावा किया है और सर्वे के आकलन को स्वीकार नहीं किया है। दूसरी ओर, 2022 के चुनाव में उनकी जीत का अंतर 1,326 वोट रहा था, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि पिछला मुकाबला काफी करीबी था।
2027 के विधानसभा चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में होंगे, स्थानीय मुद्दे क्या होंगे और मतदाताओं का फैसला क्या रहेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल विधायक का बयान उनके अपने राजनीतिक आकलन और चुनावी दावे के तौर पर सामने आया है। वास्तविक परिणाम मतदान और मतगणना के बाद ही तय होगा।
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